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jummanwaad

Ek baar fir cycle?

Ek baar fir cycle?

कोई मुझ जैसा पाबंद-ए-गुलामी ही बता सकता है।
एक सेक्युलर, जुम्मन ,कांग्रेस, सपा का ज़ंजीर से रिश्ता क्या है:

मुज़फ्फरनगर के छह सीटों से एक भी मुस्लिम कैंडिडेट को
अखिलेश भैया ने टिकट नहीं दिया फिर भी सेकुलरिज्म बचाने के
खातिर हम उन्ही को वोट करेंग।

अर्ज़ किया है :डाल के ग़ुलामी का पट्टा हमें ये बताना है।
दरी बिछाते आए है और आगे भी बिछाना है।

हममे ही संविधान को और सेकुलरिज्म को बचाना है।
इसीलिए ता उम्र हमहि को दरी बिछाना है।

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