daribichaogang@gmail.com
InsideEdge

Hijab verdict

Hijab verdict

जिस तरह से कोर्ट का फैसला आ रहा है ख़ास कर के ये हिजाब वाला फैसला, तीन तलाक़ वाला फैसला ये मुसलमानो के लिए एक चिंता का विषय बन सकता है ?

हिजाब का फैसला : ‘इस्लाम में हिजाब पहनना ज़रूरी नहीं’, अतः क्लास में बिना हिजाब के ही जाना होगा।
तीन तलाक़ : इस्लाम में तीन तलाक़ का मतलब कुछ और ही है और उससे तोड़ मरोर कर इस पर फैसला।

ये सब देखने के बाद अलग अलग लोग अलग अलग तरह की टिपण्णी कर रहे है जो निम्न है :

बहुत से उर्दू नाम वाले रोज़ा नहीं रखते है तो क्या इसको इस्लाम का essential पार्ट न मान के इससे भी क़ानून बंद करेगी ?

बहुत से उर्दू नाम वाले जुमा तक का भी नमाज़ नहीं पढ़ पाते तो क्या नमाज़ को इस्लाम का essential पार्ट न मान के इससे भी क़ानून बंद करेगी ?

अभी होली के मौके पर बहुत से उर्दू नाम वाले होली खेलते हुए पोस्ट कर रहे थे तो क्या होली का रंग हलाल कर के सारे मुसलमानो पे छिरकवाना चाहिए ?

वैसे एक और बात लोगो से सुना तो होगा ही के कर्नाटक हाई कोर्ट ने हिजाब मामले में जो फैसला सुनाया है , उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट मे चेलेंज किया जाएगा।
लेकिन एक सवालिया जुमला यहाँ भी है के क्या जैसे बाबरी मस्जिद की जगह मंदिर बनवा दिया सुप्रीम कोर्ट ने क्या वैसा ही हिजाब पर सुप्रीम कोर्ट भी बैन लगाएगी?

खैर अनुच्छेद 25 का हवाला देकर मुसलमानों के रहनुमा मुसलमानों को गुमराह करते थे कि फलाना हमारा संवैधानिक अधिकार है ढिमकना हमारा संवैधानिक अधिकार है, किसी का बाप भी नहीं छीन सकता आदि।
अनुच्छेद 25 व संविधान की असलियत मुसलमानों को बता दिया, हम कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं।

अंत में : मानसिक गुलामों का टूट गया संविधान व अनुच्छेद 25 का जूनून, पढ़िए, इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैही राजिऊन

Share this post

About the author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *