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Jumman kisse kahte hain?

Jumman kisse kahte hain?

जुम्मन किसे कहते हैं? आखिर कौन है जुम्मन मियां?

जिनका सेक्युलरिज्म खुलकर सबके सामने संघी प्रस्तुत होती हो और उसे आंख बन कर समर्थन करते जाना जुम्मनिज़्म कहलाता है और उसे मानने वाला जुम्मन।

लिबरल सेकुलर जुम्मन हैं

और ये खिताब इनको इसलिये मिली के इन्होंने इस्लाम और मुसलमान की बात करने वालों को मुसंघी कहना शुरू किया जिसके जवाब में इनको पहले चुसंघी कहा जाता था, सोशल वर्कर आयशा कुरैसी ने सबसे पहले जुम्मन लफज का इस्तेमाल किया उसके बाद अली सोहराब और समीर खान जैसे सोशल एक्टिविस्ट्स ने इससे लोगो तक पहुँचाया, देखते देखते ये आज एक सिंम्बल बन गया

जुम्मन मियाँ वोह शख़्स हैं जिनको नाम नेहाद पार्टी का सेक्युलर नेता चाहे जो भी हो जब चाहे स्टेज पे या किसी रैली में धक्के दे सकता है, इनको अपनी क़ौम के आवाज़ उठाने वाले बेवक़ूफ़ लगते हैं,

यह ख़ुद कुछ नहीं सोचते लेकिन शातिरों की चाल में बहोत जल्दी आजाते हैं, इनको लगता है शातिर इनका हमदर्द हैं।

वोह इनको चंद पैसो या कुछ उनके मदद के एवज़ में इस्तेमाल कर अपना उल्लू सीधा करता रहता है, यह एक कप चाये और सोयाबीन की बिरयानी में पे पूरा दिन शातिरों के पीछे नारे लगाने में गुज़ार देते हैं इस उम्मीद पर के नेता जी उसके बाद में सेल्फी लेने का मौका देंगे और हम भी समाज में पहुँच वाले कहलायेंगे, बाद में नेताजी उसको बिरयानी से तेज पत्ते की तरह निकाल देते हैं और यह जुम्मन के जुम्मन रह जाते है।

वोट देंगें और दिलवाएंगें भी कांग्रेस, सपा, बसपा,कांग्रेस आदि को, मुसलमानों की ज़रूरत के समय में जब उनके बनाये गए नेता उनके हक़ में नहीं बोलेंगे की तो उनसे प्रश्न करने के बजाये चुप रहेंगे और सबको चुप रहने के फायदे बताएंगे

मुस्लिम नेता जब उनके मुद्दों पे बात करेंगे तो उस वक़्त तो तारीफ करेंगें, फलां ने सासंद में मुसलमानों की आवाज उठाई लेकिन चुनाव के टाइम उन को बीजेपी का एजेंट कहेंगे और गाली बकेंगे।

मंचो में टोपी पहनकर आगे खड़े होंगे इनको मंच से धकियाकर भगा दिया जायेगा फिर भी उस पार्टी का झंडा लिए जिंदाबाद जिंदाबाद के नारे लगाएंगे और मंच से भगाए जानें के फायदे बताएंगे।

अपनी नाम निहाद सेकुलर पार्टीयों के प्रति कुत्तों से भी ज्यादा वफादार हैं, उनके एक इशारे पर ये बीजेपी को रोकने की तरकीब सोचने की बजाय ओवैसी को रोकने की कोशिश ज्यादा करते हैं।

जुम्मन मियाँ अपने आपको इतना सेक्युलर इतना सेक्युलर बताते है की पार्टी को खुश करने के लिए आस्था के खिलाफ भी चले जाता है।

इनमे से कुछ बातें अगर छूट गईं हों जो आपने नोटिस कीहो जुम्मन मियां के अंदर तो उसे आप बता दें उसको भी ऐड कर लिया जाएगा।

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